
कार्य परिषद की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय, छात्रों का भविष्य सुरक्षित
सत्र 2025-26 से शासन करेगा संचालन, फिलहाल पूर्व व्यवस्था रहेगी लागू
जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक संपन्न हुई। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़े सदस्यों ने छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
बैठक में राजकीय महाविद्यालय, गहमर (गाज़ीपुर) से संबंधित स्नातक शिक्षा का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा। कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि सत्र 2024-25 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उनकी शेष दो वर्षों की पढ़ाई उसी महाविद्यालय से पूर्व सत्र के अनुसार पूरी करने की अनुमति दी जाएगी। इससे छात्रों को स्थानांतरण या शिक्षा में व्यवधान जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 से यह महाविद्यालय उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राजकीय महाविद्यालय के रूप में संचालित होगा। इसके पहले यह विश्वविद्यालय का संघटक महाविद्यालय था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विषयों में स्नातक पाठ्यक्रम शासन द्वारा प्रारंभ नहीं किया गया है, उनके विद्यार्थियों के लिए अन्य महाविद्यालयों में प्रवेश की व्यवस्था पूर्व में की गई थी। लेकिन छात्रों की मांग को देखते हुए कार्य परिषद ने उनके शैक्षिक हितों को सुरक्षित रखने का यह निर्णय लिया है।बैठक में कार्य परिषद के सदस्य प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. माया शंकर, प्रो. रमेश कुमार, प्रो. बेचन शर्मा, प्रो. रामनारायण, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. सुशील कुमार, प्रो. अजय शुक्ला, प्रो. सुरेश कुमार पाठक, प्रो. पीयूष वर्मा, वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी, उपकुलसचिव अमृतलाल, बबिता सिंह तथा अजीत प्रताप सिंह उपस्थित रहे।



