नारी शक्ति सम्मान–2026 से नवाजी गईं महिलाएं
आजमगढ़। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति संस्थान द्वारा नारी शक्ति सम्मान समारोह–2026 एवं फाल्गुनोत्सव समारोह–2026 (होली मिलन) का आयोजन शनिवार को शारदा तिराहा स्थित होटल ग्रैंड एस.आर. के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा के चित्र के समक्ष संरक्षक मंडल एवं पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष अर्चना वत्सल ने की, जबकि संचालन अंशु अस्थाना ने किया।
समारोह में वाराणसी की लोक गायिका सरोज वर्मा, जौनपुर की सामाजिक कार्यकर्त्री सीमा सिंह, पूर्वांचल विश्वविद्यालय की सहायक आचार्य डॉ. अन्नू त्यागी, लखनऊ की एंकर व सोशल मीडिया क्रिएटर सुश्री प्राची तिवारी, आजमगढ़ की शिक्षाविद् अंजना श्रीवास्तव तथा मऊ की डॉ. चंदा सिंह को नारी शक्ति सम्मान–2026 प्रदान किया गया। संस्थान की संरक्षक एवं पदाधिकारियों द्वारा उन्हें अंगवस्त्र, मेमेंटो, माला, कैलेंडर, पौधा एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त जनपद की अन्य नारी शक्तियों को बैज, कैप एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता श्रीमती ऊषा शर्मा ने कहा कि संस्थान की संस्थापिका डॉ. पूनम तिवारी ने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर संस्था को बीज से वृक्ष के रूप में विकसित किया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बीज के गलने के बाद ही पौधा विकसित होता है, उसी प्रकार संघर्ष के बिना किसी भी उपलब्धि की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा —
“हम अधूरे नहीं, हम अभागे नहीं; बात इतनी है कि हम जागे नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन से वीरता और आत्मसम्मान की प्रेरणा लेनी चाहिए। वैदिक काल में नारी को समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त था। उस समय नारी को ज्ञान, तेज और समाज के उत्थान की धुरी माना जाता था। वेदों की शिक्षा, यज्ञ और सभाओं में महिलाओं की सक्रिय भूमिका हुआ करती थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में विखंडन की प्रवृत्ति बढ़ रही है, इसलिए महिलाओं को अपने मूल संस्कारों और मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में सचिव डॉ. पूनम तिवारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज महिलाएं समानता के अधिकार को पहचान चुकी हैं और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं, लेकिन समाज की कई महिलाएं अब भी मुख्यधारा से दूर हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति संस्थान हाशिये पर खड़ी प्रत्येक महिला को मुख्यधारा में लाने के लिए सदैव संकल्पित रहेगा।
संस्थान के कार्यों की जानकारी देते हुए अध्यक्ष मंजू उपाध्याय ने महिला स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष अर्चना वत्सल ने कहा कि बड़े बदलावों की कल्पना करने से बेहतर है कि घर से ही छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयासों से सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाए जाएं।
समारोह में बालिकाओं ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं डॉ. नेहा दुबे ने सभी अतिथियों एवं नारी शक्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में महिलाओं ने “आज बिरज में होरी रे रसिया…” गीत पर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली के रंगों का आनंद लिया।
कार्यक्रम में संस्था की संरक्षक सुधा तिवारी, रानी अनामिका सिंह, प्रियंका राय, प्रियंका पांडेय, दीपशिखा पाण्डेय, अनीता आलोक श्रीवास्तव, डॉ. नेहा दुबे, डॉ. प्रीति गुप्ता, मधु तिवारी सहित पदाधिकारी पूनम जसपाल सिंह, अमिता अग्रवाल, प्रतिभा पाठक, रश्मि डालमिया, आभा अग्रवाल, ममता राय, अनिता श्रीवास्तव, रिंकी प्रशांत, नीतू सौम्य एवं संस्था की अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।
हाशिये पर खड़ी नारी को मुख्यधारा में लाने को संस्थान संकल्पित : डॉ. पूनम तिवारी
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