हार्टमन इंटर कॉलेज में पुरोहिताई दिवस पर सेवा, त्याग और विनम्रता का संदेश
जौनपुर।
शहर के हार्टमन इंटर कॉलेज हॉर्टमनपुर में बुधवार को पुरोहिताई दिवस श्रद्धा, गरिमा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार ने एकजुट होकर प्रेम, सेवा और त्याग के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक श्रद्धेय फादर पी. विक्टर को शुभकामनाएं अर्पित की गईं और उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन की सराहना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा से हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन प्रसंगों का स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि पुरोहिताई दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की उस परंपरा को याद करने का दिन है, जिसने मानवता को प्रेम और करुणा का मार्ग दिखाया।शिक्षक राकेश जोसेफ ने फीस्ट डे के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रभु यीशु मसीह ने अपने 12 शिष्यों के पैर धोकर विनम्रता और सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था। उस समय उन्होंने अपने शिष्यों से कहा था— “जैसे मैंने तुम्हारी सेवा की है, वैसे ही तुम भी एक-दूसरे की सेवा करो।” यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि सच्चा नेतृत्व वही है जो दूसरों की सेवा से प्रारंभ होता है।संस्कृत प्रवक्ता श्रीराम ने फादर पी. विक्टर को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में फादर पी. विक्टर ने कहा कि जब व्यक्ति जीवन की दौड़ में थक जाता है और माता-पिता स्नेहपूर्वक उसके पैर धोते हैं, तो उसे जो आत्मिक शांति और सुकून मिलता है, वही भाव प्रभु यीशु ने अपने आचरण से संसार को सिखाया। उन्होंने कहा कि पुरोहिताई दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि प्रेम केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्म से प्रकट होता है।फादर ने आगे कहा कि प्रभु यीशु ने इस दिन तीन महत्वपूर्ण मूल्यों— प्रेम, सेवा और विनम्रता— का संदेश दिया, जो हर युग में समाज को दिशा देते हैं। यदि इन मूल्यों को हम अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में अपनाएं, तो आपसी वैमनस्य, अहंकार और भेदभाव स्वतः समाप्त हो सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी विचार व्यक्त करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। अंत में सामूहिक प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विद्यालय परिसर पूरे समय आध्यात्मिक ऊर्जा और अनुशासन से ओतप्रोत रहा, जिसने उपस्थित सभी लोगों को सेवा और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।



