ईमानदारी, सरलता और मददगार स्वभाव से बनाई अलग पहचान
मंगलवार तक हुई बातचीत के बाद अचानक खबर से स्तब्ध लोग
जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रैक्टिकल विभाग में प्रभारी रहे करंजा कला ब्लॉक क्षेत्र के रामपुर निवासी अरविंद सिंह का बुधवार तड़के हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर, सहयोगियों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
अरविंद सिंह अपने कार्य के प्रति निष्ठावान, ईमानदार और अत्यंत व्यवहार कुशल व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। प्रैक्टिकल विभाग में उनकी कार्यशैली अनुशासित और जिम्मेदारीपूर्ण मानी जाती थी।सहयोगी बताते हैं कि वह हर कार्य को गंभीरता से लेते थे और छात्रों व सहकर्मियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल कराने का प्रयास करते थे।उनका स्वभाव अत्यंत सरल और मिलनसार था।वह हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे बढ़कर हाथ बढ़ाते थे।यही वजह थी कि विश्वविद्यालय के साथ-साथ अपने गांव और क्षेत्र में भी उन्होंने लोगों के बीच विशेष सम्मान और विश्वास हासिल किया था।परिजनों व करीबियों के अनुसार, मंगलवार दोपहर तक उनसे सामान्य बातचीत हुई थी और किसी प्रकार की गंभीर परेशानी के संकेत नहीं थे।ऐसे में बुधवार सुबह उनके निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। शुरुआत में लोगों को इस दुखद सूचना पर विश्वास ही नहीं हुआ।कई लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आई, हर कोई गम और शोक में डूब गया।उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, क्षेत्र के लोग, शुभचिंतक और विश्वविद्यालय के कर्मचारी उनके निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।स्थानीय लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें। अरविंद सिंह का यूं अचानक चले जाना न सिर्फ उनके परिवार,बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्वविद्यालय के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।



