गुड फ्राइडे पर विशेष प्रार्थना-सभा, उपवास व आत्मचिंतन का आह्वान
हर्टमनपुर (गाजीपुर) :
गुड फ्राइडे के अवसर पर हर्टमनपुर में प्रभु यीशु को स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना-सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्वासी उपस्थित रहे।
Father P. Victor ने श्रद्धालुओं के साथ चर्च परिसर में क्रूस की स्थापना की। इसके पश्चात प्रभु की स्मृति में शोक-सभा आयोजित की गई, जिसमें मौन प्रार्थना कर मानवता की शांति व कल्याण की कामना की गई।
सभा को संबोधित करते हुए फादर पी. विक्टर ने कहा कि प्रभु यीशु ने दीन-दुखियों और समस्त मानवता की मुक्ति के लिए स्वयं सूली पर चढ़कर आत्मबलिदान दिया। गुड फ्राइडे त्याग, तपस्या और आत्मचिंतन का दिन है। इस दिन उपवास और प्रार्थना के माध्यम से प्रभु के कष्टों को स्मरण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रभु ने मानवता को पाप से मुक्त करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका जीवन करुणा, प्रेम और त्याग का संदेश देता है। “प्रभु के अंतिम शब्द ‘मैं प्यासा हूँ’ केवल जल की प्यास नहीं, बल्कि मानवता के उद्धार की प्यास का प्रतीक हैं,” उन्होंने कहा।
फादर ने विश्वासियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में त्याग, सेवा और मानवता के मूल्यों को अपनाएं तथा जरूरतमंदों की सहायता को अपना धर्म समझें।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक प्रार्थना की गई। हर्टमनपुर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु को नमन करते हुए शांति और सद्भाव की कामना की।



